
Dahi wali Mangamma Subjective Question Answer For Board Exam 2025
आज के इस पोस्ट में दही वाली मंगग्मा ( वर्णिका भाग 2 ) के प्रश्न और उत्तर देखने वाले है , जो आपके बोर्ड परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण है।
दही वाली मंगग्मा ( वर्णिका भाग 2 ) Question : Dahi wali Mangamma Subjective Question Answer For Board Exam 2025 | दही वाली मंगम्मा Objective & Subjective Questions | दही वाली मंगम्मा के लेखक कौन है | वर्णिका भाग 2, Class 10th Hindi Objective Question 2024 This is very Important Question For Board Exam 2025 | Kanak Ki PathShala
1. मंगम्मा का चरित्र-चित्रण कीजिए ।
उत्तर- मंगम्मा गाँव की सीधी-सादी नारियों का प्रतिनिधित्व करती है। आज गाँव-शहर सभी जगह मंगम्मा का प्रतिमूर्ति मिलती है I वह अपमान और कष्ट सहकर भी प्रतिष्ठा से रहना चाहती है ।वह बेटे-बहू और पोते पर अपना स्वत्व सर्वदा बनाये रखना चाहती है । इस प्रकार वह एक भारतीय नारी है जो सम्मान के साथ जीना चाहती है ।
2. रंगप्पा कौन था ? और वह मंगमा से क्या चाहता था ?
उत्तर- रंगप्पा गाँव का लंपट और जुआड़ी था । वह मंगग्मा से धन चाहता था । इतना ही नहीं वह मंगग्मा के अनाथ समझकर उसकी इजत भी लूटना चाहत था ।
3. दही वाली मंगग्मा कहानी में बहू ने सास को मनाने के लिए कौन सा तरीका अपनाया ?
उत्तर- बहू बुद्धिमती थी। उसने सोच–समझकर बच्चे को दादी के पास भेज दिया । बच्चा जब दादी के साथ बाजार जाने को मचल रहा था । तो बेटा-बहू ने उसे समझाया अपनी गलती भी उन्होंने स्वीकार की। पोता ही समझौते का जरिया बन गया । जो बहु की योजना थी ।
Dahi wali Mangamma
4. मंगम्मा का अपनी बहू के साथ किस बात को लेकर विवाद था ?
उत्तर- मंगम्मा का अपनी बहू के साथ अधिकार को लेकर विवाद था। मंगम्मा अपने बेटे पोते और बहू पर भी अपना अधिकार बनाये रखना चाहती थी । जिसे उसकी बहू मानने को तैयार नहीं थी और यही विवाद का कारण था ।
5. मंगम्मा और नंजम्मा में कौन अधिक बुद्धिमान है ?
उत्तर- मंगम्मा और नंजम्मा में अधिक बुद्धिमान नंजम्मा है क्योंकि दोनों नारियाँ अधिकार के लिए झगड़ती हैं । किन्तु नंजम्मा अपनी नाटकीय योजना से उसे परास्त कर देती है । यहाँ तक कि दही बेचने वाला आय का साधन भी उसके हाथ से खुशी-खुशी ले लेती है ।
Dahi wali Mangamma Subjective Question Answer For Board Exam 2025
6. दही वाली मंगग्मा कहानी का सारांश प्रस्तुत कीजिए ।
उत्तर- मंगग्मा अवलूर के समीप वेंकटपुर के रहनेवाली थी । और रोज दही बेचने बेंगलूर आती थी। मंगम्मा का पति नहीं था । और बेटा-बहू से गृह-कलह के कारण अलग हो गई। प्रत्यक्ष में तो झगड़े का कारण पोते की पिटाई थी किन्तु मूल रूप में सास-बहू की अधिकार सम्बन्धी ईर्ष्या थी । मंगग्मा को अकेली जानकर कुछ अवांछित तत्व के लोग उसके धन और प्रतिष्ठा पर भी आँखें उठाते है । रंगप्पा भी ऐसा ही किया । जिसे बहू की पैनी निगाहों ने ताड़ लिया । उसने पोते को उसके पास भेजने का एक नाटक किया । अब मंगम्मा पोता के लिए मिठाई भी बाजार से खरीदकर ले जाने लगी ।
एक दिन कौवे ने उसके माथे से मिठाई लेकर उड़ गया । अंधविश्वास के कारण मंगम्मा भयभीत हो उठी । बहू के द्वारा नाटकीय ढंग से पोते को दादी के पास भेजने का बहू का मंत्र – बड़ा कारगर हुआ । दूरी बढ़ने से भी प्रेम बढ़ता है । मानसिक तनाव घटता है । हुआ भी ऐसा ही । मंगम्मा को भी बहू में सौहार्द । बेटे और पोते में स्नेह नजर आने लगी । बड़े-बूढों ने भी समझाया । बहू ने मंगम्मा का काम अपने जिम्मे ले लिया । बहू ने बड़ी कुशलता से पुन: परिवार में शान्ति स्थापित कर लिया और पहले जैसे रहने लगी ।
तो उम्मीद करते हैं, आपको यह पोस्ट अच्छा लगा होगा | ऐसे ही और पोस्ट पढ़ने के लिए हमारी वेबसाइट Kanak Ki PathShala के और भी पोस्ट को देखें |